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Song Lyrics

गंगा! तुम क्यों बढ़ती हो? – Latest Poem In Hindi 2019

हहर-हहर कर,घहर-घहर कर,उछल-उछल कर,न जाने क्या कहती? हम सब ने मिलकर,किया प्रदूषित तुमको।खर-पतवार!नाली-नाला का,जल भी बहाया बढ़-चढ़कर। पालीथीन! मल-मूत्र मिलाया,कूड़ा कचडा को भी बहाया।अमृत जैसा तेरे जल को भी,न पीने योग्य! हमने बनाया।। कारखाने का जहरीला पानी,हे मां! तुझमें खूब घोल मिलाया।इसी लिए हे भागीरथी! हे मैया,तूने यह रौद्र रूप…

लहर-लहर लहराये तिरंगा – 15 August 2019 Poem – शैलेन्द्रकुमार मिश्र

लहर लहर लहराये तिरंगाबापू की याद दिलाये तिरंगा।फहर फहर फहराये तिरंगा,वीरों की याद दिलाये तिरंगा।। अपनी ही शान में इठलाये तिरंगा,आगे बढ़ने का भाव जगाये तिरंगा।कुर्बानी की गौरव गाथा गाये तिरंगा,जोश!उमंग!!मन में लाये तिरंगा।। शरहद के वीर जांबाजों को नमन!उनके रक्त की एक एक बूंद को मन।चंदन समझ!सिर माथे लगाये…
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